काले में कुछ मिक्स नहीं
सिनेमाघर में फैंस केवल राजनिकंटको देखने जाते है, इसीलिए माना जाता है कि फिल्म तीन घंटे से लम्बी होनी चाहिए। वरना काला को ढंग से सम्पादित किया जाये तो दो घंटे में फिट हो सकती है। मूलतः तमिल में बानी फिल्म हिंदी में डब करके रिलीज़ की गयी है। कहानी पूरी तरह मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके धारावी पर केंद्रित है। स्थानीय नेता हरि बाबू ( नाना पाटेकर ) इसे साफ करके इमारत खड़ी करना चाहता है। जबकि धारावी में पत्ता भी काला करिकलन ( रजनीकांत ) की मर्जी के बिना नहीं हिलता। यह सीधी सरल लड़ाई है, जिसमे लेखक निर्देशक ने गरीबो के जमींन पर हक़ को आधार बनाकर कहानी रचा है। फिल्म पूरी तरह रजनीकांत की है, लेकिन नाना कुछ दृश्य अपने नाम दर्ज कराते है। वह यहां ऐसे रावण है, जो खुद को राम समझता है। नाना रजनी की बराबरी टक्कर के बावजूद निर्देशक ने दो ऐसे दृश्य रचे है, जिसमे रजनीकांत सीधे-सीधे भारी पड़े है। एक दृश्य है, जिसमे हरि बाबू कला को चेतावनी देने के लिए धारावी में उसके घर पहुँचता है, परन्तु काला की मर्जी के वगैर धारावी से बाहर नहीं निकल पाता है। दूसरा दृश्य नाना के घर पर काला के पहुंचने का है। जहाँ-जहाँ हीरो-विलेन की सीधी लड़ाई है, वह फिल्म रोचक है, वरना कई जगह यह भी लगता है किक्या रजनी कांत की राजनेता वाली छवि को चमकाने का प्रयास हो रहा है? फिल्म टुकड़ो में प्रभाव छोड़ती है। फिल्म की कमजोरी कड़ी हुमा कुरैशी है। वह कही से सफ़ेद दाढ़ी वाले रजनीकांत की प्रेमिका नहीं लगती।
सुपरस्टार रजनीकांत की 'काला' उम्मीद मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। यह फिल्म पहले हफ्ते में 100 करोड़ रुपये भी नहीं कमा सकी। रजनी की पिछली फिल्म 'कबाली' तीन दिन सेंचुरी जमा दी थी। 'काला' ने पहले हफ्ते में 90 करोड़ का कलेक्शन किया, परन्तु महँगी लागत कारण नुकसान की आशंका है। वही, भारत में बगैर खास निवेश किये 'जुरासिक वर्ल्ड : फॉलन किंगडम' अपने पारंपरिक दर्शको के भरोसे सफल रही। फिल्म ने पहले हफ्ते में 60 करोड़ की कमाई की। इस बीच 'वीरे दी वेडिंग्स' का दूसरे हफ्ते में 18 करोड़ की कमाई के साथ कुल कलेक्शन 72 करोड़ पहुंच गया है। जॉन अब्राहम की 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' का तीन हफ्ते बिज़नेस 58 करोड़ रूपये रहा।
निर्माता : धनुष
निर्देशक : पा. रंजीत
सितारे : रजनीकांत, नाना पाटेकर, ईश्वरी राव, हुमा कुरैशी।
सिनेमाघर में फैंस केवल राजनिकंटको देखने जाते है, इसीलिए माना जाता है कि फिल्म तीन घंटे से लम्बी होनी चाहिए। वरना काला को ढंग से सम्पादित किया जाये तो दो घंटे में फिट हो सकती है। मूलतः तमिल में बानी फिल्म हिंदी में डब करके रिलीज़ की गयी है। कहानी पूरी तरह मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके धारावी पर केंद्रित है। स्थानीय नेता हरि बाबू ( नाना पाटेकर ) इसे साफ करके इमारत खड़ी करना चाहता है। जबकि धारावी में पत्ता भी काला करिकलन ( रजनीकांत ) की मर्जी के बिना नहीं हिलता। यह सीधी सरल लड़ाई है, जिसमे लेखक निर्देशक ने गरीबो के जमींन पर हक़ को आधार बनाकर कहानी रचा है। फिल्म पूरी तरह रजनीकांत की है, लेकिन नाना कुछ दृश्य अपने नाम दर्ज कराते है। वह यहां ऐसे रावण है, जो खुद को राम समझता है। नाना रजनी की बराबरी टक्कर के बावजूद निर्देशक ने दो ऐसे दृश्य रचे है, जिसमे रजनीकांत सीधे-सीधे भारी पड़े है। एक दृश्य है, जिसमे हरि बाबू कला को चेतावनी देने के लिए धारावी में उसके घर पहुँचता है, परन्तु काला की मर्जी के वगैर धारावी से बाहर नहीं निकल पाता है। दूसरा दृश्य नाना के घर पर काला के पहुंचने का है। जहाँ-जहाँ हीरो-विलेन की सीधी लड़ाई है, वह फिल्म रोचक है, वरना कई जगह यह भी लगता है किक्या रजनी कांत की राजनेता वाली छवि को चमकाने का प्रयास हो रहा है? फिल्म टुकड़ो में प्रभाव छोड़ती है। फिल्म की कमजोरी कड़ी हुमा कुरैशी है। वह कही से सफ़ेद दाढ़ी वाले रजनीकांत की प्रेमिका नहीं लगती।
सुपरस्टार रजनीकांत की 'काला' उम्मीद मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। यह फिल्म पहले हफ्ते में 100 करोड़ रुपये भी नहीं कमा सकी। रजनी की पिछली फिल्म 'कबाली' तीन दिन सेंचुरी जमा दी थी। 'काला' ने पहले हफ्ते में 90 करोड़ का कलेक्शन किया, परन्तु महँगी लागत कारण नुकसान की आशंका है। वही, भारत में बगैर खास निवेश किये 'जुरासिक वर्ल्ड : फॉलन किंगडम' अपने पारंपरिक दर्शको के भरोसे सफल रही। फिल्म ने पहले हफ्ते में 60 करोड़ की कमाई की। इस बीच 'वीरे दी वेडिंग्स' का दूसरे हफ्ते में 18 करोड़ की कमाई के साथ कुल कलेक्शन 72 करोड़ पहुंच गया है। जॉन अब्राहम की 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' का तीन हफ्ते बिज़नेस 58 करोड़ रूपये रहा।
निर्माता : धनुष
निर्देशक : पा. रंजीत
सितारे : रजनीकांत, नाना पाटेकर, ईश्वरी राव, हुमा कुरैशी।
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