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Wednesday, 27 June 2018

क्यूआर कोड की मदद से छात्र स्मार्टफोन पर कर सकेंगे पढ़ाई 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया के सपने को प्रदेश सरकार में शिक्षा विभाग ने साकार कर दिखाया है। आप पुस्तक ही नहीं, बल्कि उसमें छपे क्यूआर कोड से बच्चे शिक्षक और अभिभावक भी सरलता से किताबों को पढ़ने के साथ उसे पढ़ा सकेंगे। इसके लिए क्यूआर कोड को स्मार्ट फोन में वेब स्कैन करते ही पूरा विषय खुल जाएगा। 
उत्तर प्रदेश में पहली बार बेसिक शिक्षा की पुस्तकों में कुछ नया देखने को मिलेगा। नए सत्र में जुलाई से छात्रों को जो पुस्तके मिलने जा रही है, उसमें क्यूआर कोड डाला गया है। छात्र और अध्यापक संबंधित पाठ के ऊपर बने कोड को अपने स्मार्टफोन से जैसे ही स्कैन करेंगे, पाठ से संबंधित जानकारी और ऑडियो सब कुछ मोबाइल की स्क्रीन पर आ जाएगा। प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से पठन पाठन को सुगम बनाने की पहल के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में विषयों को बेहतर समझ बनाने के लिए उच्च क्यूआर कोड पर आधारित मोबाइल तकनीकी का उपयोग किया गया है। इस सुविधा से विद्यार्थी मोबाइल फोन पर एक क्लिक से पाठ्य पुस्तक पढ़ सकेंगे। इसके लिए छात्रों एवं शिक्षकों को डाउनलोड करना होगा, जो पुस्तकों पर दर्ज क्विवक रिस्पांस कोड को पढ़कर संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराएगा। 
विद्यालयों में आने वाली नई पुस्तकों में समाहित क्यूआर कोड की सहायता से शिक्षक पाठ्य पुस्तक में दी गई विषय वस्तु के अतिरिक्त टेस्ट, ऑडियो एवं वीडियो के रूप में उपलब्ध डिजिटल सामग्री को ऑनलाइन देखकर उसका शिक्षण कार्य में उसका प्रभावी प्रयोग भी कर सकेंगे। 
इसके लिए स्मार्ट फोन में वेब स्कैन करते ही पूरा विषय खुल जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि यह एक किताब भी पूरे स्कूल में है तो उसे शिक्षक या अभिभावक क्यूआर कोड के जरिए पठन पाठन सामग्री को पढ़ सकेंगे। 



मर्यादा में रहकर ही बनेगा राम मंदिर 
मुख्यमंत्री बनने के बाद छठी बार अयोध्या पहुंचे योगी आदित्यनाथ को सोमवार को संतो के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। संतों ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर मेयर तक भाजपा का है, आखिर राम मंदिर अब कब बनेगा। इस पर सीएम योगी ने उन्हें मर्यादा का पाठ पढ़ाया और कहा कि राम मंदिर जरुर बनेगा, लेकिन मर्यादा में रहकर मर्यादा पुरुषोत्तम का मंदिर बनेगा। 
राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव पर आयोजित संत सम्मेलन में योगी ने कहा कि राम मर्यादा के प्रतीक है, संत मर्यादा के प्रतिनिधि। सभी समस्याओं के समाधान का सम्यक प्रयास मर्यादा में रहकर करना होगा। इस दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र है। न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका की भूमिका होती है। हमें उन मर्यादाओं को भी ध्यान में रखना होगा। 
विपक्ष पर निशाना    योगी ने कहा कि राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले अब मंदिर की बात करते है। इमरजेंसी में लोकतंत्र की हत्या करने वाले लोकतंत्र की दुहाई देते हैं। उनका हृदय परिवर्तन ही हमारी जीत है। 
जल्द फैसला नहीं आया तो राम मंदिर आंदोलन को फिर शुरू करेगा विहिप 
विश्व हिंदू परिषद ( विहिप ) ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए अपना आंदोलन शुरू करने के संकेत सोमवार को दिए।  संगठन ने कहा कि अगले तीन से चार महीने में यदि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर अपना फैसला नहीं देती है तो वह भविष्य की रणनीति तय करने के लिए साधु संतो से चर्चा करेगा। 
संगठन परिषद् बैठक की जानकारी देते हुए कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि इसमें दो प्रस्ताव, एक गौरक्षा सुरक्षा और दूसरा देश में रोहिंग्या मुसलमानों के प्रवेश को लेकर पारित किया गया। बैठक में राम मंदिर के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन ने अपना रुख दोहराया गया कि वह इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट जुलाई से इस मुद्दे पर रोजाना सुनवाई शुरू करेगी। 
हम अयोध्या में राम मंदिर चाहते हैं। मुस्लिम भाई उस क्षेत्र से बाहर कहीं भी मस्जिद बना सकते है। एक सवाल के जवाब में आलोक कुमार ने कहा कि हम अयोध्या में विवादित जगह पर कानूनी ढंग से मंदिर चाहते हैं लेकिन यह कोर्ट में इस मुद्दे को 3 से 4 महीने से ज्यादा वक्त के लिए लटकाया गया तो हम अगली रणनीति के बारे में साधु संतों से राय मशवरा करेंगे। विहिप के पूर्व वरिष्ठ नेता प्रवीण तोगड़िया के नया संगठन बनाने पर उन्होंने कहा कि इसका विहिप पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि विहिप के एक व्यक्ति के अहम् महत्वकांक्षा पर आधारित संगठन नहीं है।  यह समूह सामूहिक नेतृत्व के आधार पर संचालित होता है। 
संतों का सवाल 
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सब भाजपा के तो फिर देरी क्यों? 
सीएम योगी आदित्यनाथ जब मंच पर पहुंचे तो भीड़ ने नारा लगाया कि योगी जी मंदिर का निर्माण करो। फिर शीर्ष संतो ने सवाल खड़ा किया कि राम मंदिर कब बनेगा। परमानंद सरस्वती ने कहा कि अब क्या बचा है? प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक से लेकर मेयर तक के भाजपा के है, फिर भी सरकार राम मंदिर बनाने से परहेज क्यों कर रही है। 
पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि विस चुनाव में योगी के हर मंच से सरकार बनने पर मंदिर निर्माण का ऐलान किया था। अब भाजपा मंदिर नहीं बनाती है तो वह रसातल की ओर चली जाएगी। मोदी और योगी को राम मंदिर की प्राथमिकता नहीं भूलनी चाहिए। 
संत यह भी एलान करते दिखे कि जैसे बिना कोर्ट और सरकार के आदेश की बाबरी ढांचा ध्वस्त किया गया, उसी तरह राम मंदिर का निर्माण करने में भी अब रामभक्त पीछे नहीं रहेंगे। 
CM का जवाब 
धैर्य रखिये, समाधान जल्द निकलेगा 
सीएम ने संतो की भावना से खुद को जोड़ते हुए कहा कि मंदिर निर्माण बहुसंख्यक समाज की भावना है। धैर्य रखिये,  इसका समाधान जल्द निकलेगा। यह मामला मर्यादित तरीके से पटाक्षेप की ओर जा रहा है। कुछ लोग रामभक्तो को भड़काने वाले अनावश्यक बयान दे रहे हैं, ताकि सामाजिक सौहार्द बिगड़े। संतों को सावधान रहना होगा कि कुछ लोग एक तरफ कोर्ट में अर्जी लगाते हैं कि 2019 से पहले राम मंदिर का निर्माण न हो, वही आज पूछते है की राम मंदिर कब बन रहा है। 
राम की कृपा होगी तो बनेगा मंदिर: योगी ने कहा कि अखंड ब्रम्हांड के स्वामी है। राम जी जब कृपा होगी तब राम मंदिर बनकर रहेगा। इसमें संदेह नहीं होना चाहिए। हमको हम उन षड्यंत्रों को समझे जिन लोगों ने बार-बार अवरोध पैदा किया। 

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