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Tuesday, 5 June 2018

फलो में छिपा सेहत का खजाना 
फलों में स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। यह पोषक तत्व बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। 
आम :-
इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। यह शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल को रोकता है। जिससे कोलोन, ब्रेस्ट, प्रोस्टेट आदि कैंसर से बचाव होता है। यह टार्टरिक मैलिक और साइट्रिक एसिड से भरपूर होता है। यह शरीर के छारीय तत्व को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद ग्लूटामिन एसिड स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। 
संतरा :- 
इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाई जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। संतरा में फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक है। इस में एंटीआक्सीडेंट पाए जाते हैं जो संक्रमण से बचा कर रखते हैं। संतरे में विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। 
पपीता :-
इसमें पैपेन एंजाइम और बीटा कैरोटीन नामक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को चुस्त-दुरुस्त बनाने में मदद करते हैं। यह एक वीर्यवर्धक औषधि है। इसे खाने से कैंसर से भी बचा जा सकता है, क्योंकि इसमें बीटा कैरोटीन नामक तत्व पाया जाता है। पीलिया के रोगी को प्रतिदिन एक पका पपीता अवश्य खाना चाहिए। 
सेब :-
इसे खाने से विटामिन ई , विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ए, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम,  कार्बोहाइड्रेट, आयरन, मैग्नीज, कॉपर, जिंक, प्रोटीन और विटामिन बी12 तत्व हमारे शरीर को मिलते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, नियमित सेब खाने से हम कैंसर से बचे रहते हैं। इसके नियमित सेवन से कई विष नाशक पदार्थ जैसे शीशा, पारा आदि शरीर से निष्कासित हो जाते हैं। लाल सेब में नामक एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। 
केला :-
इसमें कैरोटीनॉयड योगिक पाया जाता है, जिससे अंधेपन का खतरा दूर होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होते हैं जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। इसमें पोटेशियम पाया जाता है, जो रक्त संचार को ठीक और दिमाग को चुस्त और अलर्ट सकता है। केला विटामिन बी शिफ्ट का एक बढ़िया स्रोत है। जो नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है। 
नाशपाती :-
इसमें फाइबर का खजाना होता है। फाइबर की वजह से पाचन तंत्र मजबूत बनता है। इसमें मिलने वाला पेक्टिन नामक तक कब्ज से राहत दिलाता है इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। इसमें कुछ ऐसे योगिक पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रोल को कम करने का काम करते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर बनती है। 
अनानास :-
इसका रस या शरबत पीने से तेज गर्मी व पसीने की समस्या दूर होती है। अनानास को छीलकर उसके छोटे छोटे टुकड़े करके खाने से पित्त विकार दूर होते हैं। रोजाना अनानास का रस पीने से मोटापा कम होता है, क्योंकि अनानास का रस चर्बी को पिघलाकर निष्कासित करता है। अनानास का रस गले तथा मुंह के जीवाणु जन्य रोगों में लाभकारी सिद्ध होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। 
अंगूर :-
कुछ समय तक अंगूर के रस का नियमित सेवन करने से माइग्रेन की समस्या से काफी राहत मिल सकती है। इसका सेवन हाई ब्लड प्रेशर में काफी लाभदायक होता है। अंगूर में ग्लूकोस, मैग्नीशियम और साइट्रिक एसिड से कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। TV, कैंसर और ब्लड इंफेक्शन जैसी बीमारियों में फायदेमंद होता है। 

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