यूपी में अब किसी भी इमरजेंसी में मदद को डायल कर 112
पूरे देश में एक इमरजेंसी नंबर लागू करने के लिए केन्द्रिय ग़ृह सचिव ने की विडिओ कॉन्फ्रेसिंग
यूपी में पुलिस सहायता एंबुलेंस और अग्निशमन के दौरान मदद के लिए अब सिर्फ 112 डायल करना होगा। यानी किसी भी तरह की इमरजेंसी में मदद के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने की जरूरत खत्म हो गई है। यह पैन इंडिया के तहत इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम 112 से जोड़ने पर संभव हुआ है। यह जानकारी प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने दी। कहा, अगर कोई 112 नंबर डायल करता है तो कॉल सीधी यूपी पुलिस 100 को मिलती है और पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। फायर और एंबुलेंस सेवा को इससे पहले ही जोड़ा जा चुका है।
सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिव गृह डीजीपी और संबंधित एडीजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें देश भर में सिर्फ एक इमरजेंसी नंबर 112 लागू करने पर विचार किया गया। इस दौरान यूपी में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को उच्च श्रेणी का बताया गया। इसे मॉडल मानते हुए हर राज्य में इसी तरह का रिस्पांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, यह भी तय हुआ कि जिन राज्यों के पास सेंट्रल रेस्पॉन्स सिस्टम है, उन्हें सीधे 112 से जोड़ा जाएगा और जिन राज्यों के पास यह सुविधा नहीं है, वहां के लिए केंद्र सरकार धन मुहैया कराएगी।
अगस्त तक Central इमरजेंसी ऐप से भी जुड़ेगा यूपी : प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि पैन इंडिया के तहत पूरे देश में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम लागू किया जाना है। इसके लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग को मोबाइल एप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। इस विशेष में एक पैनिक बटन का प्रावधान होगा। यानी महिलाएं मदद के लिए मोबाइल के बटन को जैसे ही दबायेंगी, तो मोबाइल का कैमरा अपने आप ही इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम से जुड़ जाएगा। यूपी वासियों को यह सुविधा अगस्त से मिलने शुरू हो जाएगी।
यूपी में ई-प्रिजन का काम लगभग हो चुका पूरा : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पर भी चर्चा हुई। प्रमुख सचिव कारागार की हैसियत से अरविंद कुमार ने बताया कि यूपी में ई-प्रिजन का काम लगभग पूरा हो गया है। यहां प्रिजन इंफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट ऑफ विजिट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए डाटा अपलोड किया जा चुका है। प्रदेश में अगर कोई किसी से मुलाकात करना चाहता है, तो इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग करा सकता है। यहां हर कैदी की जानकारी डेटाबेस में उपलब्ध है।
लैंगिग अपराधियों का भी तैयार हो रहा डाटा
प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने बताया कि अभियोजन, न्यायालय व पुलिस के बीच एकीकृत प्रणाली लागु किया जा रहा है। इसके लिए डाटा अपलोड किया जा रहा है। इससे महिलाओं के साथ अपराध और लैंगिग अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने में आसानी होगी।
पूरे देश में एक इमरजेंसी नंबर लागू करने के लिए केन्द्रिय ग़ृह सचिव ने की विडिओ कॉन्फ्रेसिंग
यूपी में पुलिस सहायता एंबुलेंस और अग्निशमन के दौरान मदद के लिए अब सिर्फ 112 डायल करना होगा। यानी किसी भी तरह की इमरजेंसी में मदद के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने की जरूरत खत्म हो गई है। यह पैन इंडिया के तहत इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम 112 से जोड़ने पर संभव हुआ है। यह जानकारी प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने दी। कहा, अगर कोई 112 नंबर डायल करता है तो कॉल सीधी यूपी पुलिस 100 को मिलती है और पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। फायर और एंबुलेंस सेवा को इससे पहले ही जोड़ा जा चुका है।
सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिव गृह डीजीपी और संबंधित एडीजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें देश भर में सिर्फ एक इमरजेंसी नंबर 112 लागू करने पर विचार किया गया। इस दौरान यूपी में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को उच्च श्रेणी का बताया गया। इसे मॉडल मानते हुए हर राज्य में इसी तरह का रिस्पांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, यह भी तय हुआ कि जिन राज्यों के पास सेंट्रल रेस्पॉन्स सिस्टम है, उन्हें सीधे 112 से जोड़ा जाएगा और जिन राज्यों के पास यह सुविधा नहीं है, वहां के लिए केंद्र सरकार धन मुहैया कराएगी।
अगस्त तक Central इमरजेंसी ऐप से भी जुड़ेगा यूपी : प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि पैन इंडिया के तहत पूरे देश में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम लागू किया जाना है। इसके लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग को मोबाइल एप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। इस विशेष में एक पैनिक बटन का प्रावधान होगा। यानी महिलाएं मदद के लिए मोबाइल के बटन को जैसे ही दबायेंगी, तो मोबाइल का कैमरा अपने आप ही इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम से जुड़ जाएगा। यूपी वासियों को यह सुविधा अगस्त से मिलने शुरू हो जाएगी।
यूपी में ई-प्रिजन का काम लगभग हो चुका पूरा : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पर भी चर्चा हुई। प्रमुख सचिव कारागार की हैसियत से अरविंद कुमार ने बताया कि यूपी में ई-प्रिजन का काम लगभग पूरा हो गया है। यहां प्रिजन इंफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट ऑफ विजिट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए डाटा अपलोड किया जा चुका है। प्रदेश में अगर कोई किसी से मुलाकात करना चाहता है, तो इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग करा सकता है। यहां हर कैदी की जानकारी डेटाबेस में उपलब्ध है।
लैंगिग अपराधियों का भी तैयार हो रहा डाटा
प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने बताया कि अभियोजन, न्यायालय व पुलिस के बीच एकीकृत प्रणाली लागु किया जा रहा है। इसके लिए डाटा अपलोड किया जा रहा है। इससे महिलाओं के साथ अपराध और लैंगिग अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने में आसानी होगी।
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