योग के महारथी
पतंजलि योगसूत्र के रचनाकार है, जो हिंदुओं के 6 दर्शनों ( न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदांत ) में से एक हैं। भारतीय साहित्य में पतंजलि की लिखी हुई तीन मुख्य ग्रंथ मिलते हैं- योगसूत्र, अष्टाध्यायी पर भाष्य और आयुर्वेद पर ग्रंथ। पतंजलि ने पाणिनी की अष्टाध्यायी पर अपनी टीका लिखी, जिसे महाभाष्य का नाम दिया। इनका काल 200 ईसापूर्व माना जाता है। इनका जन्म गोनार्ध ( गोंडा, उत्तर प्रदेश ) में हुआ था पर यह काशी में नागकूप बस गए थे।
तिरुमलाई कृष्णामाचार्य
आधुनिक युग में योग को फिर से मुख्यधारा में लाने में तिरुमलाई कृष्णामाचार्य का नाम अगली कतार में आता है। उनका जन्म 18 नवंबर 1888 में हुआ था। उन्हें 'आधुनिक योग के पिता' के रूप में माना जाता है। कृष्णामाचार्य सभी छह वैदिक दर्शन के जानकार थे। भारत में उन्हें मुख्य रूप से एक चिकित्सक के रूप में माना जाता है, जो इलाज के लिए आयुर्वेदिक पद्धति सहित स्वास्थ्य और कल्याण बहाल करने के लिए योग परम्पराओ के पोषक रहे हैं।
के. पट्टाभी जोइस
भारतीय योग शिक्षक और संस्कृत की विद्वान थे। जिन्होंने योग की विनिशा शैली को लोकप्रिय बनाया, जिसे अष्टांग योग कहा जाता है। जोइस ने भारत के मैसूर में अष्टांग योग अनुसंधान संस्थान की स्थापना की। जोइस उन भारतीयों में से एक है जिन्होंने बीसवीं शताब्दी में भारत से पश्चिम को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जोइस के पिता एक ज्योतिषी थे। उन्होंने 1958 में कन्नड़ में 'योगमाला' पुस्तक लिखी, जिसे 1962 में प्रकाशित किया गया था।
बी. के. एस. अयंगार
योग पर कोई भी चर्चा तब तक अपूर्ण है, जब तक उसमें बी. के. एस. अयंगार के बारे में बात न की जाये। योग को पुरे विश्व में प्रसिद्ध बनाने का बहुत बड़ा श्रेय इन्हे जाता है। पदम भूषण से सम्मानित बी. के. एस. अयंगार को 2004 में टाइम मैग्जीन के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। बी. के. एस. अयंगार का जन्म कर्णाटक में बेंगलुरु से करीब 50 किलोमीटर दूर कोलार जिले के बेल्लूर गाँव के एक गरीब परिवार में हुआ था।
जल्द बिना सिम के भी कर सकेंगे बात
केंद्र सरकार ने इंटरनेट टेलीफोनी यानी मोबाइल में सिम के बिना पब्लिक वाईफाई फोन के जरिए कॉल करने की व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को इसे लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा सुझाई में तकनीकी इंटरनेट टेलीफोनी में इंटरनेशनल के बिना भी किसी मोबाइल पर वाई फाई का प्रयोग कर कॉल की जा सकेगी। मई में टेलीकॉम आयोग ने ट्राई की ओर से की गई इंटरनेट टेलीफोनी की सिफारिशों की सुविधा के मद्देनजर मंजूर कर ली थी। ट्राई के मुताबिक विशेष रूप से यह सेवा वॉइस कॉल करने के लिए फायदेमंद होगी खासतौर से जब किसी क्षेत्र में कोई मोबाइल नेटवर्क खराब हो तब भी आपकी मदद से वॉइस कॉल कर सकेंगे। इंटरनेट टेलीफोनी से कॉल करने के लिए कंपनियों को ऐप जैसा विकल्प देना होगा। यह काल से पहले वाईफाई का उपयोग करने की अनुमति देगा। जैसे जिओ ,Airtel मेसेंजर, वोडाफ़ोन ऐप के जरिए यह सेवा मिलती है टेलीकॉम कंपनियां ब्रॉडबैंड में राऊटर लगाकर या वाईफाई के इस्तेमाल कर सकेंगे।
पतंजलि योगसूत्र के रचनाकार है, जो हिंदुओं के 6 दर्शनों ( न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदांत ) में से एक हैं। भारतीय साहित्य में पतंजलि की लिखी हुई तीन मुख्य ग्रंथ मिलते हैं- योगसूत्र, अष्टाध्यायी पर भाष्य और आयुर्वेद पर ग्रंथ। पतंजलि ने पाणिनी की अष्टाध्यायी पर अपनी टीका लिखी, जिसे महाभाष्य का नाम दिया। इनका काल 200 ईसापूर्व माना जाता है। इनका जन्म गोनार्ध ( गोंडा, उत्तर प्रदेश ) में हुआ था पर यह काशी में नागकूप बस गए थे।
तिरुमलाई कृष्णामाचार्य
आधुनिक युग में योग को फिर से मुख्यधारा में लाने में तिरुमलाई कृष्णामाचार्य का नाम अगली कतार में आता है। उनका जन्म 18 नवंबर 1888 में हुआ था। उन्हें 'आधुनिक योग के पिता' के रूप में माना जाता है। कृष्णामाचार्य सभी छह वैदिक दर्शन के जानकार थे। भारत में उन्हें मुख्य रूप से एक चिकित्सक के रूप में माना जाता है, जो इलाज के लिए आयुर्वेदिक पद्धति सहित स्वास्थ्य और कल्याण बहाल करने के लिए योग परम्पराओ के पोषक रहे हैं।
के. पट्टाभी जोइस
भारतीय योग शिक्षक और संस्कृत की विद्वान थे। जिन्होंने योग की विनिशा शैली को लोकप्रिय बनाया, जिसे अष्टांग योग कहा जाता है। जोइस ने भारत के मैसूर में अष्टांग योग अनुसंधान संस्थान की स्थापना की। जोइस उन भारतीयों में से एक है जिन्होंने बीसवीं शताब्दी में भारत से पश्चिम को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जोइस के पिता एक ज्योतिषी थे। उन्होंने 1958 में कन्नड़ में 'योगमाला' पुस्तक लिखी, जिसे 1962 में प्रकाशित किया गया था।
बी. के. एस. अयंगार
योग पर कोई भी चर्चा तब तक अपूर्ण है, जब तक उसमें बी. के. एस. अयंगार के बारे में बात न की जाये। योग को पुरे विश्व में प्रसिद्ध बनाने का बहुत बड़ा श्रेय इन्हे जाता है। पदम भूषण से सम्मानित बी. के. एस. अयंगार को 2004 में टाइम मैग्जीन के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। बी. के. एस. अयंगार का जन्म कर्णाटक में बेंगलुरु से करीब 50 किलोमीटर दूर कोलार जिले के बेल्लूर गाँव के एक गरीब परिवार में हुआ था।
जल्द बिना सिम के भी कर सकेंगे बात
केंद्र सरकार ने इंटरनेट टेलीफोनी यानी मोबाइल में सिम के बिना पब्लिक वाईफाई फोन के जरिए कॉल करने की व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को इसे लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा सुझाई में तकनीकी इंटरनेट टेलीफोनी में इंटरनेशनल के बिना भी किसी मोबाइल पर वाई फाई का प्रयोग कर कॉल की जा सकेगी। मई में टेलीकॉम आयोग ने ट्राई की ओर से की गई इंटरनेट टेलीफोनी की सिफारिशों की सुविधा के मद्देनजर मंजूर कर ली थी। ट्राई के मुताबिक विशेष रूप से यह सेवा वॉइस कॉल करने के लिए फायदेमंद होगी खासतौर से जब किसी क्षेत्र में कोई मोबाइल नेटवर्क खराब हो तब भी आपकी मदद से वॉइस कॉल कर सकेंगे। इंटरनेट टेलीफोनी से कॉल करने के लिए कंपनियों को ऐप जैसा विकल्प देना होगा। यह काल से पहले वाईफाई का उपयोग करने की अनुमति देगा। जैसे जिओ ,Airtel मेसेंजर, वोडाफ़ोन ऐप के जरिए यह सेवा मिलती है टेलीकॉम कंपनियां ब्रॉडबैंड में राऊटर लगाकर या वाईफाई के इस्तेमाल कर सकेंगे।
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